13 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में किस देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री से द्विपक्षीय रक्षा वार्ता की?
- A.पोलैंड
- B.चेक गणराज्य
- C.स्लोवाकिया
- D.हंगरी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर चेक गणराज्य है। राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में कारेल हवलीचेक से मुलाकात की, जो चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा उद्योग एवं व्यापार मंत्री हैं, और दोनों ने अपने देशों के रक्षा औद्योगिक सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की। बाकी तीनों विकल्प मध्य यूरोप के देश हैं, इसलिए वे भ्रम पैदा करते हैं, पर इस वार्ता के लिए उनमें से किसी ने मंत्री नहीं भेजा। दोनों पक्षों ने अपनी कंपनियों के बीच पहले से बने संयुक्त उद्यमों का स्वागत किया और भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति सहित सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बल मिले। दोनों ने शांति तथा सुरक्षा पर भी चर्चा की और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गहरे सहयोग की जरूरत मानी, तथा साझेदारी को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों और आपसी भरोसे पर टिकी बताया।
पूरा लेख पढ़ें: राजनाथ सिंह और चेक उपप्रधानमंत्री के बीच रक्षा वार्ता हुई
अभ्यास प्रश्न
भारत और चेक गणराज्य ने रक्षा औद्योगिक सहयोग किस मंच के अंतर्गत बढ़ाने पर सहमति जताई?
- A.भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति
- B.भारत-चेक सामरिक साझेदारी परिषद
- C.भारत-चेक रक्षा खरीद बोर्ड
- D.भारत-चेक सैन्य सहयोग समूह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति है, जिसे वार्ता में उस मंच के रूप में गिनाया गया जिसके जरिये दोनों देश रक्षा औद्योगिक जुड़ाव को आगे बढ़ाएंगे। विकल्प B, C और D गढ़े हुए नाम हैं, जो सरकारी लगते हैं पर बैठक में उनका कोई उल्लेख नहीं था; इस तरह के प्रश्न यह परखते हैं कि अभ्यर्थी को संस्थागत मंच का ठीक नाम याद है या नहीं, क्योंकि द्विपक्षीय रक्षा संबंध आमतौर पर इसी तरह की नामित समितियों या संवादों से चलते हैं। यह वार्ता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा उद्योग एवं व्यापार मंत्री कारेल हवलीचेक के बीच नई दिल्ली में हुई। दोनों ने अपनी कंपनियों के संयुक्त उद्यमों का स्वागत किया और विस्तार को मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा। हवलीचेक चार दिन की यात्रा पर हैं और बेंगलुरु तथा मुंबई की इकाइयां देखेंगे।
भारत आए चेक प्रथम उपप्रधानमंत्री अपने उद्योग कार्यक्रम के तहत किन दो शहरों का दौरा करेंगे?
- A.चेन्नई और हैदराबाद
- B.बेंगलुरु और मुंबई
- C.पुणे और कोलकाता
- D.अहमदाबाद और नागपुर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर बेंगलुरु और मुंबई है। चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा उद्योग एवं व्यापार मंत्री कारेल हवलीचेक चार दिन की यात्रा पर भारत आए हैं, जिसमें वे मंत्रालयों, व्यापार संगठनों और उद्यमों से मिल रहे हैं, और उनके कार्यक्रम में इन दोनों शहरों की औद्योगिक इकाइयों का दौरा शामिल है। बाकी विकल्पों में गिनाए शहर भी रक्षा तथा इंजीनियरिंग उद्योग के केंद्र हैं, इसलिए वे भरोसेमंद लगते हैं, पर घोषित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थे। यात्रा का मुख्य नतीजा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह सहमति रही कि भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति सहित रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मजबूत हों। दोनों मंत्रियों ने शांति तथा सुरक्षा पर भी चर्चा की और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गहरे सहयोग की जरूरत बताई।
माउंट मुकुट अभियान के बाद देहरादून में भारतीय तटरक्षक बल के दल का स्वागत किसने किया?
- A.उत्तराखंड के राज्यपाल
- B.उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
- C.भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक
- D.रक्षा मंत्री
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं। इस पद पर आसीन पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित समारोह में सत्रह सदस्यीय दल का स्वागत किया, पर्वतारोहियों के असाधारण साहस एवं सहनशक्ति की सराहना की और इस उपलब्धि को हिम्मत तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। विकल्प A में राज्य के राज्यपाल का नाम है, जिन्होंने यह समारोह नहीं कराया। विकल्प C में तटरक्षक बल के प्रमुख का उल्लेख है; इस आयोजन में बल की ओर से अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला उपस्थित थे, जिन्होंने दल को बधाई दी। विकल्प D यानी रक्षा मंत्री भी सही नहीं है। अभ्यर्थियों को स्वागत समारोह, नगर और स्वागत करने वाले पद को जोड़कर याद रखना चाहिए। ऐसे प्रश्नों में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच भ्रम पैदा किया जाता है, इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि इस आयोजन में राज्य के मुख्यमंत्री ने दल का स्वागत किया था।
माउंट मुकुट की चढ़ाई भारतीय तटरक्षक बल के किस आयोजन से जुड़े एवरेस्ट अभियान की तैयारी थी?
- A.वर्ष 2027 में स्वर्ण जयंती
- B.वर्ष 2028 में प्लैटिनम जयंती
- C.वर्ष 2030 में हीरक जयंती
- D.वर्ष 2032 में शताब्दी समारोह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर विकल्प A में दिया गया स्वर्ण जयंती वर्ष है। माउंट मुकुट की चढ़ाई उसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाए गए 18 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां और अंतिम चरण थी, और इससे मिला परिचालन अनुभव तथा सीख एवरेस्ट अभियान की अंतिम तैयारियों में सहायक होगी। विकल्प B में प्लैटिनम जयंती, विकल्प C में हीरक जयंती और विकल्प D में शताब्दी समारोह का उल्लेख है, पर प्रस्तावित एवरेस्ट अभियान इनमें से किसी अवसर से नहीं जुड़ा है। अभ्यर्थियों को याद रखना चाहिए कि स्वर्ण जयंती का अर्थ पचास वर्ष पूरे होना है, और माउंट मुकुट का शिखर तथा देहरादून का स्वागत समारोह दोनों उसी तैयारी का हिस्सा हैं। परीक्षा में जयंती के प्रकार और उससे जुड़े वर्ष को मिलाकर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए दोनों तथ्यों को साथ याद रखना अधिक उपयोगी रहता है।
माउंट मुकुट अभियान में भारतीय तटरक्षक बल के दल को किस संस्थान का मार्गदर्शन मिला?
- A.नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी
- B.हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग
- C.जवाहर पर्वतारोहण संस्थान, पहलगाम
- D.भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन, नई दिल्ली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग है, जिसे संक्षेप में एचएमआई कहा जाता है। तटरक्षक बल के सत्रह सदस्यीय दल ने इसी संस्थान के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में माउंट मुकुट की चढ़ाई पूरी की, और यह चढ़ाई 18 महीने चले प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां तथा अंतिम चरण थी। विकल्प A में उत्तरकाशी के संस्थान, विकल्प C में पहलगाम के संस्थान और विकल्प D में राजधानी के पर्वतारोहण संगठन का नाम है; ये सभी भारत में पर्वतारोहण से जुड़े हैं, पर इस अभियान में इनका उल्लेख नहीं है। अभ्यर्थियों को संस्थान का नाम और उसका स्थान साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर यह पूछते हैं कि चढ़ाई का प्रशिक्षण किस संस्थान ने कराया। संस्थान के नाम को अभियान से जुड़े बल और चोटी की ऊंचाई के साथ भी जोड़कर रखना चाहिए, क्योंकि एक ही प्रश्न में तीनों तथ्य पूछे जा सकते हैं।