11 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री ने किस संस्थान के ब्रेन रिसर्च सेंटर का दौरा किया?
- A.आईआईटी मद्रास
- B.आईआईएससी बेंगलुरु
- C.एम्स नई दिल्ली
- D.आईआईटी बॉम्बे
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी मद्रास है। चेन्नई के सार्वजनिक कार्यक्रम से कुछ देर पहले प्रधानमंत्री आईआईटी मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर गए और कहा कि इस क्षेत्र में होने वाला शोध सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए अवसर पैदा कर सकता है। विकल्प B यानी आईआईएससी बेंगलुरु गलत है, क्योंकि यह दौरा परियोजनाओं के शुभारंभ वाले दिन चेन्नई में हुआ, कर्नाटक में नहीं। विकल्प C यानी एम्स नई दिल्ली गलत है, क्योंकि कार्यक्रम में किसी अस्पताल का दौरा शामिल नहीं था और जिस केंद्र का नाम आया है, वह एक प्रौद्योगिकी संस्थान से जुड़ा है। विकल्प D यानी आईआईटी बॉम्बे भी इसी भौगोलिक कारण से गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री पूरे दिन तमिलनाडु में थे। उन्होंने इस दौरे को चेन्नई मेट्रो के नए खंड के लोकार्पण के साथ जोड़कर विज्ञान और आधुनिक अधोसंरचना, दोनों की बात कही।
पूरा लेख पढ़ें: चेन्नई में प्रधानमंत्री ने परियोजनाएं और मेट्रो विस्तार सौंपा
अभ्यास प्रश्न
11 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री ने किस शहर में मेट्रो का नया खंड समर्पित करते हुए विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया?
- A.कोयंबटूर
- B.चेन्नई
- C.मदुरै
- D.तिरुचिरापल्ली
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व्याख्या
सही उत्तर चेन्नई है। प्रधानमंत्री ने चेन्नई में सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया, जहां पूरी हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और नई परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ तथा इन सबका कुल मूल्य तेरह हजार करोड़ रुपये बताया गया। इसी कार्यक्रम में चेन्नई मेट्रो का एक और खंड जनता को समर्पित किया गया। विकल्प A यानी कोयंबटूर गलत है, क्योंकि वहां ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ और जिस मेट्रो खंड की बात है, वह चेन्नई के नेटवर्क का हिस्सा है। विकल्प C यानी मदुरै भी इसी कारण गलत है, क्योंकि संबोधन में उस शहर का उल्लेख नहीं है। विकल्प D यानी तिरुचिरापल्ली भी गलत है, क्योंकि पूरे संबोधन में स्थान के रूप में चेन्नई का ही नाम आता है। उसी दिन प्रधानमंत्री ने आईआईटी मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर का दौरा भी किया, जो कार्यक्रम को चेन्नई में ही रखता है।
चेन्नई में प्रधानमंत्री के संबोधन के अनुसार किस बंदरगाह को विश्वस्तरीय मेगा कंटेनर और हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है?
- A.एन्नोर बंदरगाह
- B.कराईकल बंदरगाह
- C.वीओसी बंदरगाह, थूथुकुडी
- D.चेन्नई बंदरगाह
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व्याख्या
सही उत्तर वीओसी बंदरगाह, थूथुकुडी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में लगभग सत्रह हजार करोड़ रुपये के निवेश से इस बंदरगाह को विश्वस्तरीय मेगा कंटेनर और हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, और काम पूरा होने के बाद वहां दुनिया के अत्यंत बड़े कंटेनर पोत भी आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे तमिलनाडु उद्योग और परिवहन का वैश्विक केंद्र बनेगा। विकल्प A यानी एन्नोर बंदरगाह गलत है, क्योंकि इस निर्णय में उसका नाम नहीं है। विकल्प B यानी कराईकल बंदरगाह भी गलत है और संबोधन में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D यानी चेन्नई बंदरगाह गलत है, क्योंकि चेन्नई में आधुनिकीकरण के लिए जिस सुविधा का नाम आया है, वह मछुआरों के लिए चेन्नई फिशिंग हार्बर है, व्यापारिक बंदरगाह नहीं।
प्रधानमंत्री के अनुसार 2014 के पांच शहरों के मुकाबले आज भारत के कितने शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित होती हैं?
- A.15
- B.20
- C.25
- D.30
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व्याख्या
सही उत्तर 25 है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो चलती थी, जबकि आज पच्चीस शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित होती हैं, और नेटवर्क उसी वर्ष के लगभग दो सौ पचास किलोमीटर से बढ़कर अब ग्यारह सौ किलोमीटर से अधिक हो चुका है। विकल्प A यानी 15 गलत है, क्योंकि यह नेटवर्क के वर्तमान विस्तार को कम करके बताता है। विकल्प B यानी 20 भी गलत है, क्योंकि संबोधन में दी गई संख्या इससे अधिक है। विकल्प D यानी 30 गलत है, क्योंकि यह संख्या वास्तविक स्थिति से ज्यादा है और ऐसा कोई दावा नहीं किया गया। यह विस्तार इसलिए गिनाया गया कि शहरीकरण को चुनौती के बजाय अवसर माना जाए, जिसमें सार्वजनिक परिवहन ही तय करता है कि कामकाजी परिवारों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा कितनी सुगम होगी।
विशेष अभियान 6.0 के तहत फेंकी गई सामग्री को मूल्यवान संसाधन में बदलने की सोच को किस नाम से बताया गया है?
- A.कचरे से संपदा
- B.घटाओ, दोबारा उपयोग करो, पुनर्चक्रण करो
- C.शून्य लैंडफिल मिशन
- D.स्वच्छ से हरित
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व्याख्या
सही उत्तर 'कचरे से संपदा' है। अभियान के तहत पूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे को प्राथमिकता क्षेत्र बनाया है और उसके संग्रह, वैज्ञानिक पृथक्करण तथा जिम्मेदार निपटान को ई-कचरा (प्रबंधन) नियमों के अनुरूप कर रहा है, और इस पूरे प्रयास को कचरे से संपदा की सोच के जरिए प्रस्तुत करता है, जिसका अर्थ है फेंकी गई सामग्री को उपयोगी संसाधन में बदलना। विकल्प B यानी घटाओ, दोबारा उपयोग करो, पुनर्चक्रण करो कचरा प्रबंधन का सामान्य सिद्धांत है, पर इस पहल के लिए यही शब्द इस्तेमाल नहीं हुआ। विकल्प C और विकल्प D सुनने में भरोसेमंद लगते हैं, लेकिन विभाग की बताई रूपरेखा में ये नाम नहीं थे। परीक्षार्थी इस शब्द को ई-कचरे के लिए उद्धृत नियमों के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि ऐसे अभियानों पर प्रश्न आमतौर पर ठीक शब्दावली और उसके पीछे के कानूनी प्रावधान को ही जांचते हैं।
विशेष अभियान 6.0 के तहत अपनी गतिविधियों का ब्यौरा देने वाला पूर्व सैनिक कल्याण विभाग किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.गृह मंत्रालय
- B.रक्षा मंत्रालय
- C.सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
- D.कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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व्याख्या
सही उत्तर रक्षा मंत्रालय है। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग, जिसे डीईएसडब्ल्यू कहा जाता है, इसी मंत्रालय का विभाग है और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए जिम्मेदार है, इसीलिए अभियान के तहत शिकायतों और संसदीय आश्वासनों का तेज निपटारा पूर्व सैनिकों तथा पेंशनभोगियों के लिए मायने रखता है। विकल्प A यानी गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को देखता है, पूर्व सैनिक कल्याण को नहीं। विकल्प C यानी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के कल्याण पर काम करता है। विकल्प D यानी कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय सिविल सेवा प्रशासन और सरकारी असैन्य कर्मचारियों की पेंशन देखता है, और लंबित मामलों से जुड़े अभियानों में उसका नाम आता है, पर यहां नामित विभाग स्पष्ट रूप से रक्षा मंत्रालय के अधीन है।