10 अक्टूबर 2026 को भारत के घरेलू कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार कितना था?
- A.16.418 एमटी
- B.18.205 एमटी
- C.19.932 एमटी
- D.21.640 एमटी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 18.205 एमटी है। कोयला मंत्रालय के अनुसार 10 अक्टूबर 2026 को घरेलू कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में भंडार 18.205 एमटी था, और इसी कारण मंत्रालय यह कह सका कि 29 सितंबर 2026 के बाद भंडार एक भी दिन 18 एमटी से नीचे नहीं गया, जब यह 18.932 एमटी था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 16.418 एमटी का स्तर 18 एमटी की सीमा से काफी नीचे होता, और इस अवधि में ऐसी कोई गिरावट दर्ज नहीं हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 19.932 एमटी 10 अक्टूबर का आंकड़ा नहीं है; 29 सितंबर को भंडार 18.932 एमटी था और उसके बाद यह धीरे-धीरे घटा, बढ़ा नहीं। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि 21.640 एमटी का अर्थ भारी बढ़ोतरी होता, जबकि अक्टूबर के पहले दस दिनों में कुल गिरावट करीब 0.56 एमटी रही।
पूरा लेख पढ़ें: बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार 18 एमटी से ऊपर बना रहा
अभ्यास प्रश्न
1 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच बिजली क्षेत्र के लिए औसतन कितने रेक प्रतिदिन लादे गए?
- A.426 रेक
- B.447 रेक
- C.469 रेक
- D.482 रेक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 469 रेक है। अक्टूबर 2026 के पहले दस दिनों में बिजली क्षेत्र के लिए औसतन 469 रेक प्रतिदिन लादे गए, और इसी अधिक ढुलाई से दैनिक कोयला आपूर्ति बढ़ी तथा भंडार घटने की रफ्तार कम हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि 426 रेक प्रतिदिन सितंबर 2026 का औसत है, जिसकी तुलना में अक्टूबर में लगभग 10 प्रतिशत सुधार मापा गया है। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि 447 और 482 रेक अक्टूबर में दर्ज सबसे कम और सबसे अधिक दैनिक लदान के आंकड़े हैं, अर्थात उस दायरे के दो छोर जिसमें दिन-प्रतिदिन के आंकड़े रहे; इनमें से कोई भी अवधि का औसत नहीं है। ऐसे प्रश्न में औसत और दायरे के अंतर को समझना जरूरी है, इसलिए न्यूनतम, अधिकतम और पिछले महीने के आंकड़े अलग-अलग याद रखने चाहिए।
अक्टूबर 2026 में बिजली क्षेत्र को औसत दैनिक कोयला आपूर्ति कितनी रही और यह आपूर्ति योजना से कैसी थी?
- A.2.21 एमटी प्रतिदिन, योजना से कम
- B.2.37 एमटी प्रतिदिन, योजना के बराबर
- C.2.49 एमटी प्रतिदिन, योजना से अधिक
- D.2.65 एमटी प्रतिदिन, योजना से अधिक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2.49 एमटी प्रतिदिन, योजना से अधिक है। अक्टूबर 2026 में बिजली क्षेत्र को वास्तविक कोयला आपूर्ति औसतन 2.49 एमटी प्रतिदिन रही, जबकि महीने की योजना 2.37 एमटी प्रतिदिन की थी; इसलिए आपूर्ति योजना से आगे रही और पहले दस दिनों में नौ दिन योजना के आंकड़े से अधिक कोयला पहुंचा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2.21 एमटी प्रतिदिन सितंबर 2026 का औसत है और अक्टूबर का आंकड़ा उससे अधिक है, कम नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2.37 एमटी प्रतिदिन स्वयं नियोजित मात्रा है, और वास्तविक आपूर्ति उससे अधिक रही, बराबर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2.65 एमटी प्रतिदिन आपूर्ति को बढ़ाकर बताता है, जबकि रिपोर्ट किया गया औसत 2.49 एमटी प्रतिदिन है। परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न में वास्तविक आपूर्ति और नियोजित आपूर्ति, दोनों आंकड़ों को साथ याद रखना जरूरी है, क्योंकि मंत्रालय के विवरण में ये दोनों एक साथ दिए गए हैं और उन्हें आपस में बदल देने पर उत्तर गलत हो जाता है।
सितंबर 2026 के पूरे महीने में बिजली संयंत्रों का कोयला भंडार लगभग कितना घटा?
- A.0.56 एमटी
- B.3.14 एमटी
- C.7.28 एमटी
- D.12.90 एमटी
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व्याख्या
सही उत्तर 7.28 एमटी है। सितंबर 2026 के पूरे महीने में बिजली संयंत्रों का कोयला भंडार करीब 7.28 एमटी घटा, जो औसतन लगभग 0.24 एमटी प्रतिदिन की गिरावट बैठती है; इसी कारण अक्टूबर में आई राहत को उल्लेखनीय बदलाव माना गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 0.56 एमटी अक्टूबर 2026 के पहले दस दिनों की बहुत कम कुल गिरावट है, जो प्रतिदिन लगभग 0.06 एमटी बैठती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 3.14 एमटी किसी भी महीने की रिपोर्ट की गई गिरावट से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि 12.90 एमटी की गिरावट रिपोर्ट किए गए आंकड़े से बहुत अधिक होती और इतनी गिरावट से भंडार उस 18 एमटी के स्तर से नीचे चला जाता, जिसे मंत्रालय के अनुसार 29 सितंबर 2026 से बनाए रखा गया है।
जीएसटी परिषद ने अभियोजन की सीमा बढ़ाकर कितनी करने की सिफारिश की?
- A.1 करोड़ रुपये
- B.2 करोड़ रुपये
- C.5 करोड़ रुपये
- D.10 करोड़ रुपये
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व्याख्या
सही उत्तर 5 करोड़ रुपये है। भरोसे पर टिकी कर व्यवस्था बनाने और धोखाधड़ी पर अंकुश बनाए रखने के लिए परिषद ने अभियोजन की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने तथा जीएसटी के तहत गिरफ्तारी की कुछ शक्तियां हटाने की सिफारिश की। विकल्प क यानी 1 करोड़ रुपये गलत है, क्योंकि यह पुरानी सीमा है जिसे बढ़ाया जा रहा है, नई नहीं। विकल्प ख और घ यानी 2 करोड़ और 10 करोड़ रुपये गलत हैं, क्योंकि ये अंक सिफारिशों में नहीं आते। इसी समूह के कुछ और आंकड़े साथ याद रखें: 10,000 रुपये से कम कर पर कारण बताओ नोटिस नहीं दिया जाएगा, अधिकतम सामान्य जुर्माना 25,000 रुपये से घटकर 10,000 रुपये रह जाएगा, तथा गैर-धोखाधड़ी मामलों में 10,000 रुपये का न्यूनतम जुर्माना हटा दिया जाएगा।
सुझाए गए सुधारों के अनुसार रिफंड दावे की पावती कितने दिनों में देनी होगी?
- A.7 दिन
- B.10 दिन
- C.15 दिन
- D.30 दिन
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व्याख्या
सही उत्तर 10 दिन है। रिफंड तेज करने के उपायों में पावती की अवधि छोटी करना शामिल है। यह अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी जाएगी और यदि इस अवधि में कोई जवाब न दिया जाए तो दावे की पावती मान ली जाएगी। विकल्प ग यानी 15 दिन गलत है, क्योंकि यह वही पुरानी अवधि है जिसे बदला जा रहा है; यह एक आम जाल है और बदलाव की दिशा ध्यान से पढ़ने वाला अभ्यर्थी ही बचता है। विकल्प क और घ यानी 7 दिन और 30 दिन गलत हैं, क्योंकि ऐसी कोई अवधि पत्र में प्रस्तावित नहीं है। छोटी अवधि के साथ-साथ सुधारों में नकद खाता-बही की अतिरिक्त राशि का रिफंड अपने आप देने और शून्य दर वाली आपूर्ति तथा उलटे शुल्क ढांचे के दावों में जोखिम आंकलन पर करीब 90 प्रतिशत राशि मंजूर करने की बात कही गई है।