1 नवंबर 2026 को किस स्थान पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का भूमिपूजन किया गया?
- A.सिंदी रेलवे, नागपुर-वर्धा जिला सीमा
- B.जालना, मराठवाड़ा क्षेत्र
- C.भुसावल, जलगांव जिला
- D.हिंगोली, मध्य महाराष्ट्र
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सिंदी रेलवे, नागपुर-वर्धा जिला सीमा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वहीं भूमिपूजन किया और यह पार्क सिंदी रेलवे स्टेशन के पास 150 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। समारोह में पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर, विधायक समीर कुणावार, जिलाधिकारी वनमथी सी, पूर्व सांसद रामदास तड़स और सिंदी रेलवे नगर परिषद अध्यक्ष रानी कालोडे मौजूद रहे। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इन तीनों शहरों का इस परियोजना से कोई संबंध नहीं है। सिंदी रेलवे को इस काम के लिए खास कारण से चुना गया है। यह वहां है जहां नागपुर और वर्धा के उद्योग अपना माल एक जगह जमा कर सकते हैं, इसी स्थान पर ड्राई पोर्ट भी इससे जुड़ेगा और यहां बनने वाला सीमा शुल्क कार्यालय देश तथा विदेश से आने वाले कंटेनरों को संभालेगा। जालना, भुसावल और हिंगोली का इस सुविधा या विदर्भ के इस नए निर्यात मार्ग में कोई हिस्सा नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: गडकरी ने सिंदी रेलवे लॉजिस्टिक्स पार्क का भूमिपूजन किया
अभ्यास प्रश्न
जवाहरलाल नेहरू पत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर सिंदी रेलवे का मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क कौन विकसित कर रहा है?
- A.भारतीय कंटेनर निगम
- B.राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड
- C.भारतीय पत्तन रेल एवं रोपवे निगम
- D.रेल विकास निगम लिमिटेड
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यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की विशेष उद्देशीय कंपनी है और अमारा ट्रांज सॉल्यूशन के माध्यम से जवाहरलाल नेहरू पत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर सिंदी रेलवे स्टेशन के पास 150 एकड़ पर यह पार्क खड़ा कर रही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिंदी रेलवे परियोजना से एक कंटेनर ढोने के खर्च में कितनी कमी आने की उम्मीद है?
- A.2 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये
- B.1.5 लाख रुपये से 1 लाख रुपये
- C.1 लाख रुपये से 60,000 रुपये
- D.3 लाख रुपये से 2 लाख रुपये
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सिंदी रेलवे का ड्राई पोर्ट विदर्भ के कपास, रुई, कपड़े और संतरों को मुंबई ले जाने के बजाय कोलकाता के हल्दिया के रास्ते बांग्लादेश भेजने देगा और यही छोटा सफर एक कंटेनर के भाड़े को घटाकर कम स्तर पर लाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार कवच प्रणाली लागू होने के बाद दुर्घटनाओं की संख्या 135 से घटकर कितनी रह गई?
- A.16
- B.36
- C.52
- D.73
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कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेल अधोसंरचना पर किए गए निवेश से विस्तार के साथ सुरक्षा भी बढ़ी है और कवच रेल संरक्षा प्रणाली लागू होने के बाद दुर्घटनाओं की संख्या एक सौ पैंतीस से घटकर सोलह रह गई, जबकि संस्थागत लक्ष्य शून्य दुर्घटना का है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वंदे भारत स्लीपर सेवा सबसे पहले किस मार्ग पर आरंभ हुई थी?
- A.वाराणसी-नई दिल्ली
- B.हावड़ा-गुवाहाटी
- C.बेंगलुरु-मुंबई
- D.पुणे-कल्याण
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बेंगलुरु-मुंबई गाड़ी इसी श्रेणी की अगली कड़ी है और इसे रातभर की आधुनिक रेल यात्रा के विस्तार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1 नवंबर 2026 को शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस बेंगलुरु को किस शहर से जोड़ती है?
- A.चेन्नई
- B.हैदराबाद
- C.मुंबई
- D.मंगलुरु
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केंद्रीय रेल मंत्री ने एसएमवीटी बेंगलुरु और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच इस सेवा को हरी झंडी दिखाई, जो देश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप केंद्र को उसकी वित्तीय तथा व्यापारिक राजधानी से जोड़ती है।
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