मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

मिशन युवा रक्षा के तहत जावरा में नशा विरोधी कार्यक्रम

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मिशन युवा रक्षा के तहत जावरा में छात्रों के लिए नशा विरोधी कार्यक्रम और अफीम उत्पादकों के लिए जन सुनवाई आयोजित की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
मिशन युवा रक्षा के तहत जावरा में नशा विरोधी कार्यक्रम

चर्चा में क्यों

26 सितंबर 2026 को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने बताया कि उसने मिशन युवा रक्षा के तहत मध्य प्रदेश के जावरा और मंदसौर में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम तथा नीमच और मंदसौर में अफीम उत्पादकों के लिए जन सुनवाई आयोजित की।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) वित्त मंत्रालय के अधीन वह एजेंसी है, जो वैध अफीम खेती का नियमन करती है और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करती है। इसने मध्य प्रदेश में कई निवारक कार्यक्रम चलाए, जिनका ब्यौरा 26 सितंबर 2026 को सामने रखा गया। ये कार्यक्रम मिशन युवा रक्षा के तहत हुए, जो युवाओं तक नशा मुक्त भारत का संदेश पहुंचाने की पहल है।

जावरा का कार्यक्रम

रतलाम जिले के जावरा स्थित जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा सेहत पर क्या असर डालता है, इसे किन उपायों से रोका जा सकता है और नशामुक्त समाज बनाने में युवाओं की क्या भूमिका है। इसमें प्रस्तुतियां, जागरूकता वीडियो और प्रश्नोत्तरी गतिविधियां शामिल रहीं, और अंत में प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली तथा उस पर हस्ताक्षर किए।

अफीम उत्पादकों तक पहुंच

दूसरा जागरूकता कार्यक्रम मंदसौर में हुआ, जो सीबीएन और ब्रह्माकुमारीज के बीच हुए समझौता ज्ञापन के अगले कदम के रूप में रखा गया था। इसमें करीब पचास अफीम उत्पादक और ब्यूरो के चालीस अधिकारी शामिल हुए और यह बैठक भी नशा मुक्त भारत की शपथ के साथ समाप्त हुई। मंदसौर, नीमच और रतलाम वही पट्टी है जहां देश में लाइसेंस पर अफीम की खेती होती है, इसलिए ब्यूरो वहां उत्पादकों से सीधे संवाद करता है।

शिकायतों के लिए जन सुनवाई

ब्यूरो ने नीमच और मंदसौर में जन सुनवाई कार्यक्रम भी आयोजित किए, ताकि उत्पादकों की शिकायतों का समाधान जल्दी और उनके नजदीक ही हो सके। दोनों कार्यक्रमों में 450 से अधिक उत्पादकों ने भाग लिया। उन्होंने नाम सुधार, खेत के हस्तांतरण यानी नमनतारन और आगामी निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता से जुड़े सवाल रखे, जो तय करता है कि आने वाले मौसम में कौन अफीम उगा सकेगा। अधिकारियों ने ये शिकायतें सुनकर मौके पर ही उनका समाधान किया।

उत्पादकों को यह सलाह भी दी गई कि वे बिचौलियों से सतर्क रहें और किसी भी स्पष्टीकरण या मदद के लिए सीधे ब्यूरो से संपर्क करें। ब्यूरो के अनुसार, प्रवर्तन अभियानों के साथ चलने वाला यह जागरूकता कार्य अवैध आपूर्ति के नेटवर्क तोड़ने और स्वस्थ, नशामुक्त समाज बनाने के लिए है।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीकेंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन)
संबंधित मंत्रालयवित्त मंत्रालय
मिशनमिशन युवा रक्षा, नशा मुक्त भारत के लिए
छात्र कार्यक्रम का स्थानजी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा, रतलाम जिला, मध्य प्रदेश
साझेदार संगठनब्रह्माकुमारीज, समझौता ज्ञापन के तहत
मंदसौर कार्यक्रमकरीब पचास अफीम उत्पादक और चालीस सीबीएन अधिकारी
जन सुनवाई के स्थाननीमच और मंदसौर
जन सुनवाई में उत्पादक450 से अधिक
उठाए गए मुद्देनाम सुधार, नमनतारन और निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता
उत्पादकों को सलाहबिचौलियों से सतर्क रहें और सीधे ब्यूरो से संपर्क करें

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि मिशन युवा रक्षा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की नशा मुक्त भारत से जुड़ी पहल है, ब्यूरो वित्त मंत्रालय के अधीन आता है, कार्यक्रम का स्थान जावरा का जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज था, ब्रह्माकुमारीज के साथ समझौता ज्ञापन हुआ है, नीमच और मंदसौर की जन सुनवाई में 450 से अधिक उत्पादक शामिल हुए और आगामी निपटान अभियान 2026-27 लाइसेंस वाली अफीम खेती से जुड़ा है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने जावरा में छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम किस मिशन के तहत आयोजित किया?

  1. A.मिशन युवा शक्ति
  2. B.मिशन युवा रक्षा
  3. C.मिशन नशा मुक्ति
  4. D.मिशन सुरक्षा चक्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिशन युवा रक्षा

व्याख्या

सही उत्तर मिशन युवा रक्षा है। यह वही पहल है जिसके तहत ब्यूरो विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के हानिकारक प्रभावों, उसकी रोकथाम के उपायों और नशामुक्त समाज बनाने में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक करता है। जावरा के जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुआ कार्यक्रम इसी मिशन के अंतर्गत रखा गया था, जिसमें प्रस्तुतियां, जागरूकता वीडियो और प्रश्नोत्तरी गतिविधियां शामिल रहीं और अंत में प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली तथा उस पर हस्ताक्षर किए। विकल्प A, C और D में दिए गए नाम इस प्रसंग में मौजूद नहीं हैं और ब्यूरो ने इनमें से किसी का उल्लेख नहीं किया। मिशन युवा रक्षा का बड़ा लक्ष्य नशा मुक्त भारत है, और ब्यूरो इस निवारक काम के साथ-साथ अवैध तस्करी, हेराफेरी और दुरुपयोग के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान भी चलाता है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

नीमच और मंदसौर में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रमों में कितने अफीम उत्पादकों ने भाग लिया?

  1. A.150 से अधिक
  2. B.250 से अधिक
  3. C.450 से अधिक
  4. D.650 से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 450 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 450 से अधिक है। ब्यूरो ने नीमच और मंदसौर में जन सुनवाई कार्यक्रम इसलिए रखे थे, ताकि अफीम उत्पादकों की शिकायतों का समाधान जल्दी और उनके नजदीक ही हो सके, और दोनों कार्यक्रमों को मिलाकर 450 से अधिक उत्पादक इनमें शामिल हुए। विकल्प A, B और D में दी गई संख्याएं इन कार्यक्रमों के लिए नहीं बताई गई थीं, इसलिए वे गलत हैं। उत्पादकों ने जो मुद्दे रखे उनमें रिकॉर्ड में नाम सुधार, खेत के हस्तांतरण यानी नमनतारन और आगामी निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता शामिल थी, जो यह तय करता है कि अगले मौसम में लाइसेंस पर अफीम कौन उगा सकेगा। अधिकारियों ने इन सवालों को ध्यान से सुनकर मौके पर ही निपटाया और उत्पादकों को बिचौलियों से सतर्क रहने की सलाह भी दी गई।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

मंदसौर का जागरूकता कार्यक्रम सीबीएन के किस संगठन के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत आयोजित किया गया था?

  1. A.ब्रह्माकुमारीज
  2. B.रामकृष्ण मिशन
  3. C.भारत स्काउट्स और गाइड्स
  4. D.नेहरू युवा केंद्र संगठन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्रह्माकुमारीज

व्याख्या

सही उत्तर ब्रह्माकुमारीज है। ब्यूरो ने इस संगठन के साथ समझौता ज्ञापन किया है और मंदसौर में हुआ जागरूकता कार्यक्रम उसी के अगले कदम के रूप में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में करीब पचास अफीम उत्पादक और ब्यूरो के चालीस अधिकारी शामिल हुए, जहां प्रतिभागियों को नशे के हानिकारक प्रभावों और देश को नशामुक्त बनाने में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया, और बैठक नशा मुक्त भारत की शपथ के साथ समाप्त हुई। विकल्प B, C और D में ऐसे संगठन दिए गए हैं जो युवाओं और समुदायों के बीच काम करते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में साझेदार के रूप में उनका नाम नहीं था। मंदसौर वही जगह है जहां नीमच के साथ ब्यूरो ने जन सुनवाई भी की, जिसमें 450 से अधिक उत्पादक शामिल हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन युवा रक्षा क्या है?

यह केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की वह पहल है, जो युवाओं को नशे के नुकसान और नशा मुक्त भारत में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करती है। इसी के तहत जावरा के जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज में कार्यक्रम हुआ।

सीबीएन की जन सुनवाई किसके लिए होती है?

अफीम उत्पादकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए। नीमच और मंदसौर की सुनवाई में 450 से अधिक उत्पादक शामिल हुए और उन्होंने नाम सुधार, नमनतारन तथा निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता के सवाल रखे।

सीबीएन ने किस संगठन के साथ समझौता ज्ञापन किया है?

ब्रह्माकुमारीज के साथ। मंदसौर का जागरूकता कार्यक्रम इसी समझौते के अगले कदम के रूप में हुआ, जिसमें करीब पचास उत्पादक और चालीस अधिकारी शामिल हुए।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 26 सितंबर 2026

  1. विश्व पर्यटन दिवस 2026: थीम में एआई और डिजिटल एजेंडामहत्वपूर्ण दिवस
  2. संयुक्त राष्ट्र बैठक में भारत ने न्यायसंगत पीएबीएस मांगाअंतरराष्ट्रीय
  3. विशेष अभियान 6.0 का क्रियान्वयन 2 अक्टूबर से शुरू होगाराष्ट्रीय
  4. स्वच्छता ही सेवा 2026 की थीम और आईसीएआर-सीआईआरबी संवादराष्ट्रीय
  5. गुंटूर-नंबूर में 108 करोड़ रुपये का चार लेन रोड ओवर ब्रिजराष्ट्रीय
  6. सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने पांच भाषाओं में विज्ञान पत्रिकाएं शुरू कींविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  7. कांडला में देश का पहला बंदरगाह आधारित ई-मेथनॉल संयंत्रपर्यावरण
  8. निर्वाचन आयोग ने दिल्ली एसआईआर की समय-सीमा 30 अक्टूबर कीराष्ट्रीय
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLIBPS