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GK24

भारत और यूरोपीय संघ: होराइज़न यूरोप वार्ता संपन्न

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 नवंबर 2026 को बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने होराइज़न यूरोप कार्यक्रम से जुड़ने की वार्ता पूरी कर ली है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत और यूरोपीय संघ: होराइज़न यूरोप वार्ता संपन्न — GK24 title card

चर्चा में क्यों

7 नवंबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की कि भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय संघ के प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रम होराइज़न यूरोप से भारत की संबद्धता के लिए वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है।

भारत यूरोप के सबसे बड़े अनुसंधान कोष में शामिल होने जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 नवंबर 2026 को जानकारी दी कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच होराइज़न यूरोप से भारत की संबद्धता पर चल रही बातचीत पूरी हो गई है। होराइज़न यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान तथा नवाचार कार्यक्रम है। इस कदम से अब तक चल रहे अलग-अलग शोध प्रोजेक्ट एक स्थायी संस्थागत ढांचे में बदल जाएंगे।

संबद्धता से क्या बदलेगा

संबद्ध देश बनने के बाद भारतीय वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय, प्रयोगशालाएं और कंपनियां इस कार्यक्रम के तहत निकलने वाले वित्तपोषण प्रस्तावों में हिस्सा ले सकेंगी। वे यूरोपीय शोध समूहों में साझेदार की तरह जुड़ सकेंगी और ऐसी अत्याधुनिक शोध सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगी जो आमतौर पर उनकी पहुंच से बाहर रहती हैं। मंत्रालय का आकलन है कि इससे दोनों दिशाओं में प्रतिभा की आवाजाही बढ़ेगी तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, तकनीकी मानकों और बड़े पैमाने के समाधानों का विकास अलग-अलग नहीं, बल्कि मिलकर हो सकेगा। मंत्रालय इसे विकसित भारत 2047 की दिशा में देश के नवाचार तंत्र के लिए बड़ा मूल्यवर्धन मानता है।

कार्यक्रम में भारत कहां फिट बैठता है

होराइज़न यूरोप के स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टर भारत की शोध प्राथमिकताओं के सबसे निकट हैं। इन क्लस्टरों में स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं अंतरिक्ष, जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता तथा खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था आते हैं। इन्हीं क्षेत्रों में भारतीय संस्थानों की वैज्ञानिक क्षमता पहले से मजबूत है, इसलिए मंत्रालय इसे शून्य से शुरुआत नहीं, बल्कि मौजूदा ताकत का विस्तार बताता है।

वार्ता का सफर

चरणतिथि
भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन, जिसके बाद पड़ताल शुरू हुई27 जनवरी 2026
ब्रसेल्स में व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक, जिससे औपचारिक वार्ता शुरू हुई15 जुलाई 2026
वार्ता संपन्न होने की घोषणा7 नवंबर 2026

इस रिश्ते को यहां तक पहुंचाने में दो मौजूदा रास्तों की भूमिका रही: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग पर भारत-यूरोपीय संघ समझौता और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद, जिनके तहत संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाएं पहले से चल रही थीं। संभावित संबद्धता की पड़ताल 27 जनवरी 2026 के ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद शुरू हुई थी। औपचारिक बातचीत 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में हुई मंत्रिस्तरीय बैठक के नतीजे के तौर पर आरंभ हुई और चार महीने से भी कम समय में सफलतापूर्वक पूरी हो गई।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमहोराइज़न यूरोप, यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रम
घोषणा किसने कीविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
घोषणा की तिथि7 नवंबर 2026
पड़ताल शुरू करने वाला सम्मेलनभारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन, 27 जनवरी 2026
औपचारिक वार्ता शुरू करने वाली बैठकभारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक, ब्रसेल्स, 15 जुलाई 2026
स्तंभ-II के क्लस्टरस्वास्थ्य; डिजिटल प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं अंतरिक्ष; जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता; खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था
मौजूदा ढांचाविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग पर भारत-यूरोपीय संघ समझौता
उल्लिखित लक्ष्यविकसित भारत 2047

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि होराइज़न यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रम है, वार्ता 7 नवंबर 2026 को संपन्न हुई, स्तंभ-II के क्लस्टर कौन-कौन हैं, शिखर सम्मेलन की तिथि 27 जनवरी 2026 थी और औपचारिक वार्ता ब्रसेल्स में 15 जुलाई 2026 की मंत्रिस्तरीय बैठक से शुरू हुई।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत ने यूरोपीय संघ के किस कार्यक्रम से जुड़ने की वार्ता संपन्न की है?

  1. A.इरैस्मस प्लस
  2. B.होराइज़न यूरोप
  3. C.कोपरनिकस
  4. D.गैलीलियो
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. होराइज़न यूरोप

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने होराइज़न यूरोप से भारत की संबद्धता के लिए वार्ता सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

होराइज़न यूरोप से भारत की संभावित संबद्धता की पड़ताल किस तिथि के शिखर सम्मेलन के बाद शुरू हुई थी?

  1. A.27 जनवरी 2026
  2. B.15 जुलाई 2026
  3. C.7 नवंबर 2026
  4. D.15 अगस्त 2025
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 27 जनवरी 2026

घोषणा के अनुसार संभावित संबद्धता की पड़ताल उसी तिथि को हुए भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद शुरू की गई थी, जिसे मंत्रालय ने ऐतिहासिक बताया है।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

होराइज़न यूरोप के स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टरों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

  1. A.स्वास्थ्य
  2. B.जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता
  3. C.रक्षा खरीद एवं हथियार निर्यात
  4. D.खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रक्षा खरीद एवं हथियार निर्यात

घोषणा में स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टरों के रूप में स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकियां, उद्योग एवं अंतरिक्ष, जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता तथा खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था का उल्लेख है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होराइज़न यूरोप क्या है?

होराइज़न यूरोप यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रम है। भारत ने 7 नवंबर 2026 को इससे जुड़ने की वार्ता पूरी की, जिससे भारतीय शोधकर्ता, संस्थान और उद्योग इसके वित्तपोषण प्रस्तावों में भाग ले सकेंगे।

भारत-यूरोपीय संघ की औपचारिक वार्ता किस बैठक से शुरू हुई?

ब्रसेल्स में 15 जुलाई 2026 को हुई भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक के परिणामस्वरूप। इससे पहले पड़ताल 27 जनवरी 2026 के शिखर सम्मेलन के बाद शुरू हुई थी।

होराइज़न यूरोप के कौन-से क्लस्टर भारत की प्राथमिकताओं से मेल खाते हैं?

स्तंभ-II के विषयगत क्लस्टर, यानी स्वास्थ्य; डिजिटल प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं अंतरिक्ष; जलवायु, ऊर्जा एवं गतिशीलता; तथा खाद्य एवं जैव-अर्थव्यवस्था।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS